जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं में बंदियों के आध्यात्मिक, मानसिक एवं सामाजिक पुनर्वास के प्रयासों के तहत केन्द्रीय जेल इंदौर में श्रावण माह के पावन अवसर पर अनूठा आध्यात्मिक आयोजन किया गया। जेल में निरुद्ध बंदियों ने मात्र दो घंटे में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। इस आयोजन को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन’ में दर्ज किया गया है।
केन्द्रीय जेल इंदौर में स्थापित शिवलिंग के पंचम वर्ष के उपलक्ष्य में 10 अगस्त 2026 को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ महानिदेशक, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं, मध्यप्रदेश डॉ. वरूण कपूर के मुख्य आतिथ्य में हुआ। डॉ. वरूण कपूर एवं श्रीमती सौम्या कपूर ने प्रथम पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर सवा लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया।
आयोजन में केन्द्रीय जेल इंदौर में निरुद्ध लगभग 1 हजार पुरुष बंदियों एवं 51 महिला बंदियों ने सामूहिक रूप से सहभागिता की। बंदियों ने निर्धारित दो घंटे की अवधि में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। सामूहिक सहभागिता, अनुशासन और श्रद्धा के साथ संपन्न यह आयोजन जेल सुधार एवं पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
आध्यात्मिकता से सकारात्मक सोच का प्रयास
आयोजन का उद्देश्य बंदियों को आध्यात्मिक गतिविधियों से जोड़कर मानसिक शांति, सकारात्मक सोच, आत्म-अनुशासन और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना रहा। जेल प्रशासन का मानना है कि ऐसी गतिविधियां बंदियों के व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री दिनेश नरगावे, जेल उप अधीक्षक श्री इन्दर सिंह नागर एवं श्री संतोष कुमार लडिया, वरिष्ठ परिवीक्षा एवं कल्याण अधिकारी श्री अभिषेक दांगी सहित जेल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
विशेष: दो घंटे में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का सामूहिक निर्माण न केवल आध्यात्मिक आयोजन रहा, बल्कि बंदियों के पुनर्वास, अनुशासन और सकारात्मक जीवन की दिशा में जेल प्रशासन के प्रयासों को भी रेखांकित करता है।









